तिल गुड़ के लड़ूँ

तिल और गुड़ के लड़ूँ मकर सक्रांति ( उतरायण ) पर ज़रूर बनाए जाते है , सर्दियों के मोसम मैं यू भी गरम ऊर्जा देने वाली चीज़ें खायी जाती है , जिन मैं तिल सबसे अधिक फ़ायदेमंद होते है , तिल से लड़ूँ , गजक , रेवड़ी , तिलकुट आदि कई चिजे बनती है ।
मैं आपसे तिल के लड़ूँ की विधि शेयर कर रही हू , जो खाने मैं बहुत ही स्वदिस्ट व बनाने मैं बेहद आसान है ।

आवश्यक  सामग्री 

  • तिल  - 2 कप
  • गुड़    - 1 कप 
  • घी     - 2 छोटे चम्मच 

बनाने की विधि 

एक भारी तले की कढाही मै तिल डाल कर मध्यम आँच पर हल्के भूरे होने तक भूने ( चटकने लगेंगे ) ध्यान रखे कि तिल जले ना , क्योंकि तिल जलने पर कड़वे लगेंगे ।
प्लेट मैं निकाल कर ठंडे होने दे ।
ठंडे होने पर या तो हल्का सा कूट ले , या mixi मैं हल्का सा चला दे , ध्यान रहे बिलकुल बारीक नहीं करना है । 
एक कढाही मैं घी डाले गरम करे इसमै गुड़ को छोटे टुकड़ों मैं तोड़ कर डाल दे , बिलकुल धीमी आँच पर गुड़ को पिघलने दे , गैस बंद करे , गुड़ को थोड़ा सा ठण्डा होने दे , इस मैं तिल डाल दे , अच्छी तरह मिला ले । 
हाथ पर थोड़ा सा घी लगा कर चिकना कर के तिल गुड़ के mixture का एक चम्मच ले , और गोल लड़ूँ बना ले ।
सारे लड़ूँ इसी तरह बना ले ।
तो तैयार है तिल के पोस्टिक लड़ूँ।

विशेष 

तिल भूनते समय ध्यान रखे कि ज़्यादा ना भून जाए , 
लड़ूँ गरम मिश्रण से ही बनेंगे , अगर ज़्यादा गरम लगता है तो हाथ पर कुछ बूँदे पानी की डाल ले , और फिर लड़ूँ बनाए , हाथ जलेंगे नहीं ।

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