धनिया पंजीरी प्रसाद



कल बाल गोपाल का जन्म दिन है , पूरे दिन के उपवास के बाद रात को जन्मोत्सव मना कर पंजीरी का प्रसाद बाँटा जाएगा , आमतोर पर पंजीरी आटे की बनती है लेकिन फलाहार व्रत मैं आटे की कोई चीज़ नहीं खायी जाती है इसलिए धनिए की पंजीरी का प्रसाद खा कर व्रत खोला जाता है ।
वैसे तो धनिया की पंजीरी delivery के बाद भी खायी जाती है , और बहुत पोस्टिक होने के कारण आप इसे कभी भी बना कर खा सकते है ।

आवश्यक सामग्री 

  • धनिया पाउडर      1 कप
  • देसी घी               3 tbsp
  • मखाने                 1/2 कप
  • काजू                   15
  • बादाम.                 15
  • सूखा नारियल.       1/4कप कसा हुवा 
  • पिसी हुई शक्कर    1/2 कप

बनाने की विधि 

कढाही मैं एक चम्मच घी डाल कर धनिया पाउडर को हल्की आँच पर ख़ुशबू आने तक भून लीजिए । भुना हुवा धनिया अलग रख लीजिए ।
कढाही मैं दो चम्मच घी डाल कर काजू व बादाम के टुकड़ों को तल लीजिए । 
मखाने को दो टुकड़ों मैं काट ले व इसी घी मैं तल लीजिए ।
मखानो को mixi मैं दरदरा पिस लीजिए ।
सूखे नारियल को कस लीजिए । 
सारी चीज़ों को मिक्स कर ले , बन गयी स्वादिस्ट व पोस्टिक पंजीरी ।
पहले कान्हा को भोग लगाइए । फिर ख़ुद खाइए । 

विशेष 

आप चाहे तो धनिया बीज को पिस कर पाउडर बना कर पंजीरी बना सकते है , मेवे जितने ज़्यादा डालेंगे उतनी ही अच्छी बनेगी , और इसे बना कर कई दिनो तक रखा जा सकता है ।


No comments:

Post a Comment