जीरावला पार्श्वनाथ जैन तीर्थ

          
राजस्थान मैं कई प्रसिद्द जैन तीर्थ है , इनमै से एक महत्वपूर्ण जीरावला पार्श्व नाथ है , ये राजस्थान के सिरोही मैं स्थित है , आबू रोड स्टेशन से 42 km की दूरी पर है ।
इतिहास के अनुसार यह स्थान प्राचीन समय मैं जीरपल्लि , जीरावली, जुरीकापल्ली आदि नामो से जाना जाता था ।
चमत्कारी प्रतिमा के साथ कई किवदंतिया जुड़ी हुई है , एक रात कोदिनगर के सेठ अमसरा ने स्वप्न देखा , ठीक उसी रात आचार्य श्री देवसूरिवर जी ने भी स्वप्न मैं जयराज पहाड़ी के नीचे भूगर्भ मैं एक प्रतिमा देखी , स्वप्न का अनुसरण कर उसी जगह पर खुदाई करने पर श्री पार्श्व नाथ की प्रतिमा प्राप्त हुई ।

विक्रम सम्वत 331 मैं मंदिर का निर्माण कर प्रतिमा को प्रतिस्थिठ किया गया । इसके बाद कई बार मंदिर की पुनः प्रस्थिठा की गई ।


इसके अलावा 108 पार्श्व नाथ की प्रतिमाओं को भी स्थापित किया गया ।
विगत वर्ष 2016 मैं भव्य मंदिर का निर्माण कर पुनः प्रतिस्ठा की गई ।

मूल नायक 23 वे तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ की  18 cm की श्वेत प्रतिमा पद्मासन स्थिति मैं है ।


अन्य प्रतिमाए 108 पार्श्व नाथ की है ।
किसी भी मंदिर की प्रतिस्ठा या अन्य धार्मिक महोत्सव मैं सर्वप्रथम जीरावला पार्श्वनाथ प्रभु को आमंत्रित किया जाता है
अत्यंत शांत व मनोहारी वातावरण मैं जिन पूजा का आनंद अविस्मरणिय है ।
बहुत बड़े प्रांगण मैं धर्मशालाए , भोजनशाला स्थित है ।
E रिक्शा की सुविधा उपलब्ध है ।
राजस्थानी शैली मैं विशाल धर्मशालाए भी एक आकर्षण का केंद्र है ।

आबू पर्वत की तलहटी मैं स्थित ये तीर्थ अत्यंत रमणीय है ।
निकटतम रेल्वे स्टेशन आबू रोड है जो 42 km की दूरी पर है वहाँ से private जीप या बस से यहाँ पँहुचा जा सकता है ।
निकटतम airport उदयपुर है ।
महिला दर्शनारथियो को ओढ़नी लेना अनिवार्य है ।
फ़ोटोग्राफ़ी मंदिर मैं निषेध है लेकिन प्रांगण मैं की जा सकती है । 

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