खस खस Poppy seeds







खस खस जिसे अंग्रेज़ी मैं poppy seeds कहते है हम भारतीय इसे सदियों से मसाले के रूप मैं , औषधीय प्रयोग मैं व मिठाइयों को बनाने मैं करते आ रहे है ।
खस खस का पूरा पौघा ही उपयोगी है , इसके पत्तों को सब्ज़ी की तरह उपयोग किया जाता है जिसे आम बोलचाल की भाषा मैं अफ़ीम की भाजी कहा जाता है , इसे ताज़ा और सूखा कर उपयोग किया जाता है ।
इसके  कच्चे फलो के ऊपरी आवरण से अफ़ीम निकाला जाता है और बीज यानी खस खस जिसे हम खाने मैं प्रयोग करते है , इसकी जड़ो मैं एक अलग ही भीनी ख़ुशबू होती है जिसे कूलर मैं लगाया जाता है ।
खस का शरबत भी बनाया जाता है ।
भारत के अलावा ईरान व तुर्की मैं भी इसका उत्पादन होता है ।
औषधीय उपयोग के साथ ही इसका उपयोग बेकरी उत्पादों मैं , मिठाइयों मैं व हमारी विश्व प्रसिद्ध ठंडाई खस खस से ही बनती है ।







पोषण मैं खस खस का महत्व
• इसमै कई मिनरल जैसे आयरन, कापर , कैल्सीयम , मेंगनिस व ज़िंक होते है जो डाइजेशन और ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने मैं मदद करते है ।
• इसमै कई anti oxidants होते है जो गम्भीर बीमारियों से बचाव करते है ।
• खस खस के बीजों मैं बहुत ज़्यादा fibers होते है जो पेट सम्बंधी रोगों मैं फ़ायदेमंद होता है ।
• इसमै oleic acid होता है जो breast cancer के उपचार मैं मदद करता है ।
• इसमै कई फ़ैटी ऐसिड होते हैं जैसे ओमेगा 3 ऐसिड जो अच्छे स्वास्थ के लिए ज़रूरी है ।
• इसमै linoleic acid होता है जो LDL cholesterol लेवल को कम करके ह्रदय रोगों से बचाव करता है ।
• ये विटामिन B काम्प्लेक्स का बहुत अच्छा सोर्स है इसमै थायअमिन , रायबोफ़्लेविन , नायसीन , पैंटॉथेनिक ऐसिड और फ़ालिक ऐसिड होते है ।
• खस खस मैं अति सूक्ष्म मात्रा मैं ओपीयम अलकलोईड्स होते है इसलिए ये दर्दनाशक की तरह भी काम करता है इसलिए इसका कई औषधियों मैं प्रयोग किया जाता है ( ओपीयम अलकलोईड्स कुछ अधिक मात्रा मैं इसके सूखे फलो मैं होता है । जैसे मॉर्फ़ीन , tlebaine , codeiene and papaverine etc इन्हें भी दर्दनाशक की तरह उपयोग किया जाता है ) cough syrup मैं  nausea व जी मचलाने पर उपयोग किया जाता है ।
• इसमै कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा मैं होने से तुरंत शक्ति के लिए इसके दो चम्मच काफ़ी है ।
• अनिद्रा रोग मैं रात्रि को सोते समय इसका पेस्ट दूध मैं मिला कर पीने से अच्छी नींद आने लगती है ।
• इसे सौंदर्यवर्धक के रूप मैं भी प्रयोग किया जाता है । आँखो के नीचे के काले घेरे व झाँइयाँ इसका दूध मैं पेस्ट बना कर लगाने से कम हो जाती है ।
• कैल्सीयम होने से हड्डियों व जोड़ों के दर्द को भी कम करता है ।
• नकसीर रोकने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है
• migrane व आधा सीसी का दर्द इसके कुछ दिन नियमित उपयोग करने से ख़त्म हो जाता है ।
यह ऐसे खाने मैं अच्छे लगते है कई dishes पर कई बेकिंग items पर garnishing के काम आता है । सूखे के बजाय इसे भिगो कर पेस्ट बना कर उपयोग किया जाए तो इसके सभी पोषक तत्व मिलते है ।
ये अपने से दोगुना पानी सोख लेता है । सब्ज़ियों की ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है ।
इसका सबसे अधिक उपयोग हमारी प्रसिद्ध ठंडाई बनाने मैं किया जाता है ।

ठंडाई
सामग्री
खस खस  50 gm
शक्कर     100gm
दूध           250ml
काली मिर्च   10 dane
सोंफ        1 चम्मच
पानी  1/2 cup
ख़रबूज़े के बीज 2 चम्मच
विधि
खस खस को दो घंटे के लिए भिगो दे , अतिरिक्त पानी निथार दे , काली मिर्च , सोंफ , ख़रबूज़े के बीज मिला कर बारीक पिस ले , मलमल के कपड़े से पानी मिला कर छान ले , इसमै दूध व शक्कर मिला दे , ठण्डा करने के फ़्रीज़ मैं रखे । बर्फ़ डाल कर पिए । बहुत ही tasty व पोषक ठंडाई गरमियों मैं बेहद राहत देगी ।

खस खस का हलवा भी बेहद स्वादिस्ट व migrane व आधा सीसी के दर्द के लिए बेहद फ़ायदेमंद है ।

खस खस का हलवा
सामग्री
खस खस  50 gm
गेंहू का आटा  2 चम्मच
शक्कर    3 चम्मच
बादाम  10
पानी  1 cup
घी   3 चम्मच ,
बनाने की विधि
खस खस को दो घंटे भिगो कर , पिस कर पेस्ट बना ले , घी गरम करे पेस्ट व आटा डाल कर ब्राउन होने तक भूने , पानी डाले व चलाते रहे पानी आधा हो जाने पर शक्कर डाले , तब तक भूने जब तक की घी किनारा ना छोड़ दे । बादाम भिगो कर छिल कर बारीक काट कर गार्निश करे ।
ये हलवा लगातार कुछ दिनो तक खाने से सिर दर्द मैं काफ़ी राहत मिलेगी ।

खस खस यू तो बहुत फ़ायदेमंद है पर तीन चम्मच से ज़्यादा एक दिन मैं खाने से पेट दर्द व dizziness आने लगती है , अतः  सीमित मात्रा मैं सेवन करे । गर्भवती स्त्रियाँ इसका सेवन ना करे ।



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