जन्म कुंडली व रोग

जन्म कुंडली के माध्यम से कई बीमारियों के बारे मैं सटीक कथन किया जा सकता है । जिससे भविष्य मैं होने वाली कई गम्भीर बीमारियों से बचाव हो सकता है ।
प्रत्येक कुंडली मैं कुछ ग्रह अकेले व कुछ ग्रह अन्य ग्रहों के साथ युती मैं होते है , युती दो ग्रहों के मध्य या कई ग्रहों के मध्य हो सकती है ।युती के आधार पर जातक को क्या रोग होने की सम्भावना है जाना जा सकता है ।
रोग सामन्यत युती करने वाले ग्रहों की दशा , महादशा के साथ गोचर मैं भ्रमण हो या शत्रु राशि या वक्रि ग्रह हो कम या अधिक अंश का हो , कई combinations का अध्यन कर भविष्य कथन किया जा सकता है ।

गुरु -राहु की युती है तो दमा ,T.B,या अन्य श्वसन तंत्र से सम्बंधित रोग हो सकते है । liver से सम्बंधित रोग हो सकते है ।

गुरु - बुध की युती हो तो अस्थमा , मोटापा , एलेर्जी या वाणी सम्बंधी रोग हो सकते है ।

चंद्र - राहु की युती हो तो मानसिक रोग , पागलपन या भ्रम की स्थिति रहेगी ।

मंगल - शनि की युती हो तो रक्त सम्बंधी रोग , चोट , दुर्घटना , हड्डी सम्बंधी रोग हों सकते है ।

शुक्र - राहु की युती हो तो नपुंसकता का ख़तरा हो सकता है ।

शुक्र - केतु की युती हो तो urology से सम्बंधी या prostate gland से सम्बंधी रोग हो सकते है ।

गुरु - मंगल की युती हो तो पीलिया  हो सकता है ।

चंद्र - बुध या चंद्र - मंगल की युती हो तो hormone सम्बंधी रोग हो सकते है ।

मंगल - राहु या मंगल - केतु की युती हो तो tumour या कैन्सर रोग हो सकता है ।

गुरु - शुक्र की युती हो तो diabetes रोग हो सकता है ।

आप स्वयं की कुंडली देख कर जान सकते है व उत्तम स्वस्थ पा सकते है ।

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