विदेश गमन के लिए ज्योतिषिय योग

आज का अधिकांश युवा वर्ग उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए विदेश जाना चाहता है ,कई बार देखने मै आता है की योग्य होने व् कई प्रयत्नों के बाद भी जाने का अवसर नहीं मिल पाता है। कई कुंडलियो के अध्यन करने पर एक योग बहुत ही common पाया गया जिसे ज्योतिषय भाषा मै परिवर्तन योग कहा जाता है ,सभी बारह राशियों का एक अधिपति ग्रह होता है ,जैसे वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है व् धनु राशि का स्वामी गुरु है। जब किसी कुंडली मै शुक्र धनु राशि का व् गुरु वृषभ राशि का है तो यह एक परिवर्तन योग है ,ऐसे एक ही कुंडली मै एक से अधिक परिवर्तन योग भी दिखाई देते है ,यह किसी भी राशि या ग्रह के मध्य हो सकता है.………… अगर इस प्रकार का कोई परिवर्तन योग कुंडली मै है तो जातक निश्चित रूप से विदेश गमन करता है।

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