पास्ता इन देसी स्टाइल

हम भारतीय हर कॉंटिनेंटल व्यंजन का विशुद्ध देसीकरण कर लेते है , पास्ता इटालियन व्यंजन है उसे हम अपने स्वाद का बना कर ज़्यादा मज़ा ले सकते है ।
सामग्री
पास्ता 100gm
एक बड़ा आलू
दो बड़े प्याज़
एक टमाटर
आधी गड्डी हरा धनिया
चिंग मसाला एक पाउच
नमक
एक चम्मच तेल

विधि
पास्ता को उबाल ले , अच्छी तरह पक जाने पर छलनी मैं डाल कर पानी निथार दे , एक छोटा चम्मच तेल डाल कर फ़ोर्क से हिला दे ताकि पास्ता आपस मैं चिपके ना ।
आलू , टमाटर व प्याज़ बारीक काट ले ।
तेल गरम करे उस मैं प्याज़ , आलू व टमाटर डाले अच्छी तरह भून जाने पर इसमै पास्ता मिला दे , चिंग मसाला मिलाए , नमक डाले ।
हरा धनिया बारीक काट कर मिलाए ।
तैयार है पास्ता ।
चाहे तो इसमै टोमटो साँस भी मिला सकते है ।

वेज मंचुरीयन




 
मंचुरीयन बच्चों के साथ बड़े भी पसंद करते है । बाहर हमने इसे कई बार खाया होगा , आज मैं आपसे घर पर ही इसे बनाने की आसान विधि शेयर कर रही हू ।

मंचुरीयन बॉल बनाने की सामग्री
एक कप फूल गोभी बारीक कटी हुई
एक कप पत्ता गोभी बारीक कटी हुई
एक कप गाजर बारीक कसी हुई
तीन हरी मिर्च बारीक कटी हुई
कॉर्न फ़्लोर  2 चम्मच
काली मिर्च पाउडर  1/4 चम्मच
नमक स्वादानुसार
सोया साँस  1/2 चम्मच
तलने के लिए तेल

मंचुरीयन साँस बनाने की सामग्री

अदरक एक बड़ा टुकड़ा
लहसून  चार कलियाँ
प्याज़ लम्बे लच्छे कटे हुवे
एक छोटी शिमला मिर्च लम्बी कटी हुई
गाजर लम्बी कटी हुई
हरी प्याज़
काली मिर्च पाउडर
तीन हरी मिर्च बारीक कटी हुई
कॉर्न फ़्लोर दो चम्मच
विनेगर आधा चम्मच
सोया साँस आधा चम्मच
टोमटो साँस एक चम्मच
नमक स्वादानुसार
एक चम्मच तेल

मंचुरीयन बॉल बनाने की विधि
सभी कटी सब्ज़ियों को उबलते हुवे पानी मैं डाल कर चार मिनट पकाए । छान कर सारा पानी निथार ले , थोड़ा सा हाथ से दबा कर अतिरिक्त पानी निकाल दे । पानी संभाल कर अलग रख ले , इन सब्ज़ियों मैं कॉर्न फ़्लोर व अन्य सभी सामग्री डाल कर अच्छे से मिला कर निबु के आकार के गोले बना ले , गरम तेल मैं ब्राउन होने तक तले  बॉल तैयार है ।

मंचुरीयन सास बनाने की विधि
उबली सब्ज़ियों के पानी मैं कॉर्न फ़्लोर मिला कर पतला घोल बना ले ।
तेल गरम करे , अदरक , लहसून व हरी मिर्च डाल कर कुछ देर भूने अब इसमै कटे प्याज़ शिमला मिर्च व गाजर डाल कर तेज़ आँच पर चलाए । इसमै कॉर्न फ़्लोर का घोल मिला दे , काली मिर्च , सोया साँस, टोमटो सास , विनेगर व नमक मिला दे , लगातार चलते हुवे उबाले अब इसमै बॉल डाल दे एक बार उबल जाने दे ।
हरी प्याज़ से गार्निश करे , फ़्राइड राइस के साथ परोसे ।

विशेष
बगेर लहसून प्याज़ के भी बनाया जा सकता है , मैंने इसमै अजीनोमोटो का प्रयोग भी नहीं किया है ।




सब्ज़ा




सब्ज़ा जो तुलसी के बीज , फ़ालूदा बीज या तकमरिया के नाम से भी जाना जाता है  । यह हमारे घरों मैं लगने वाली तुलसी ना हो कर तुलसी कूल के ही एक अन्य पोधे रूद्र जड़ के बीज है ।
ये काले रंग के tear shaped बीज होते है , इन्हें कच्चा प्रयोग ना कर के पानी मैं भिगो कर फूलने पर प्रयोग किया जाता है
पानी मैं 15 minute भिगोने पर अपने मूल आकार से 30 times फूल जाते है ।
इसमै प्रोटीन अधिक मात्रा मैं होता है इसके साथ ही इसमै phytochemicals और polyphenolic flavonoids जैसे की orientin, vicenin और अन्य कई antioxidants होते है ।
इसमै beta carotene, lutein, विटामिन A , विटामिन K होता है । इसमै potassium, manganese, copper, calcium, folates और magnesium होता है ।
इसमै कोई स्वाद नहीं होता है और ना ही कोई गंध होती है , इसलिए हम इसे किसी भी dish मैं मिला का खा सकते है ।
Drinks या desserts को garnish करने मैं इसका उपयोग कर सकते है ।
एक दिन मैं केवल दो चम्मच पर्याप्त है ।इसके कई आश्चर्य जनक फ़ायदे है ।

1 : वज़न घटाने मैं मदद करता है । इसमै alphalinolenic acid ALA होता है जो एक omega 3 fatty acid है जो fat burning metabolism को तेज़ करता है जिससे वज़न घटाने मैं मदद मिलती है ।
इसमै बहुत ज़्यादा fibers होने से इसको खाने के बाद पेट  भरा हुवा लगता है और कुछ खाने का मन नहीं होता है ।
इसको खाने के साथ सलाद मैं डाल कर या दही मैं मिला कर खा सकते है ।

2 : constipation और bloating को दूर करता है । यह एक natural detoxifier है जो stomach को क्लीन करने का कार्य करता है इसमै उपस्थित volatile oil gastrointestinal tract से गैस relieve करने  मैं मदद करता है ।
इसके लिए सोते समय एक glass दूध मैं मिला कर पिए।

3 : acidity को दूर करता है । इसका diuretic गुण toxins को बाहर कर देता है और यह ऐसिड को neutrilise करके शरीर का pH ठीक करता है । और इसके भीगे हुवे बीजों मैं बहुत मात्रा मैं पानी होने से burning sensation कम कर देता है ।

4  : स्वस्थ त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी है । इसके सूखे बीजों को पिस कर नारियल तेल मैं मिला कर पाँच minute   गरम करके छान करके eczema, psoriasis जैसी बीमारियों से प्रभावित त्वचा पर लगाए
इसी तेल को बालों मैं लगा कर मालिश करने से बालों का झड़ना रूक जाता है ।

5  : यह type 2 diabetes रोगियों के ब्लड शुगर लेवल को क़ाबू मैं रखता है । toned milk मैं मिला कर पिए ।

6 :       Menopausal women जिन्हें hot flashes की समस्या है वो निबु पानी , रूह आफ़जा , नारियल पानी या लस्सी मैं मिला कर पिए  । फ़ालूदा मैं डाल कर खाए । यह एक coolant की तरह कार्य करता है ।

7  : cough और flu मैं भी फ़ायदा करता है । इसकी antispasmodic property होने से यह गले की muscles को relax करता है । इसमै उपस्थित flavonoids immunity बढ़ाते है

बच्चों और pregnant women को इसका सेवन नहीं करना चाहिए ।क्यूँकि फूलने पर इसके बीज बेहद चिकने हो जाते है जो बच्चों के गले मैं चिपक सकते है और उन्हें गटकने मैं परेशानी हो सकती है ।
इसके बीज estrogen level को कम कर देते है इसलिए pregnant women को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए ।






जन्म कुंडली व रोग

जन्म कुंडली के माध्यम से कई बीमारियों के बारे मैं सटीक कथन किया जा सकता है । जिससे भविष्य मैं होने वाली कई गम्भीर बीमारियों से बचाव हो सकता है ।
प्रत्येक कुंडली मैं कुछ ग्रह अकेले व कुछ ग्रह अन्य ग्रहों के साथ युती मैं होते है , युती दो ग्रहों के मध्य या कई ग्रहों के मध्य हो सकती है ।युती के आधार पर जातक को क्या रोग होने की सम्भावना है जाना जा सकता है ।
रोग सामन्यत युती करने वाले ग्रहों की दशा , महादशा के साथ गोचर मैं भ्रमण हो या शत्रु राशि या वक्रि ग्रह हो कम या अधिक अंश का हो , कई combinations का अध्यन कर भविष्य कथन किया जा सकता है ।

गुरु -राहु की युती है तो दमा ,T.B,या अन्य श्वसन तंत्र से सम्बंधित रोग हो सकते है । liver से सम्बंधित रोग हो सकते है ।

गुरु - बुध की युती हो तो अस्थमा , मोटापा , एलेर्जी या वाणी सम्बंधी रोग हो सकते है ।

चंद्र - राहु की युती हो तो मानसिक रोग , पागलपन या भ्रम की स्थिति रहेगी ।

मंगल - शनि की युती हो तो रक्त सम्बंधी रोग , चोट , दुर्घटना , हड्डी सम्बंधी रोग हों सकते है ।

शुक्र - राहु की युती हो तो नपुंसकता का ख़तरा हो सकता है ।

शुक्र - केतु की युती हो तो urology से सम्बंधी या prostate gland से सम्बंधी रोग हो सकते है ।

गुरु - मंगल की युती हो तो पीलिया  हो सकता है ।

चंद्र - बुध या चंद्र - मंगल की युती हो तो hormone सम्बंधी रोग हो सकते है ।

मंगल - राहु या मंगल - केतु की युती हो तो tumour या कैन्सर रोग हो सकता है ।

गुरु - शुक्र की युती हो तो diabetes रोग हो सकता है ।

आप स्वयं की कुंडली देख कर जान सकते है व उत्तम स्वस्थ पा सकते है ।

सांभर मसाला पाउडर

कई ब्राण्ड के साम्भर मसाला पाउडर बाज़ार मैं उपलब्ध है । हम घर पर ही शुद्ध व ताज़ा साम्भर मसाला बना सकते है ।
सामग्री
सूखा धनिया या धनिया बीज  :3 tbsp
 
तुवर दाल                             : 1 tbsp

चना दाल                              : 1 tbsp

उरद दाल                               : 1 tbsp

ज़ीरा                                      :1/2 tbsp

मेथी दाने                                  : 1/4 tbsp

करी पत्ता                                  : 15 leaves

राई                                          : 1 tbsp

लाल सुखी मिर्च                          : 15

काली मिर्च                                 : 1 tbsp

हल्दी                                          : 1 tbsp

हींग                                            : 1/4 tbsp

विधि
सबसे पहले धनिया बीज को मध्यम आँच पर हल्का भून कर अलग रख ले , तीनो दालों को धो कर सूखा कर इसमै ज़ीरा मिला कर हल्का भून कर अलग रखे , मेथी दाना भून कर मिलाए ।
करी पत्ता , राई , साबुत लाल मिर्च , काली मिर्च , हल्दी और हींग मिला कर जब तक भूने तब तक धुवा उठने लगे ।
सभी चीज़ों को मिला कर मिक्सर मैं ग्राइंड कर ले ।
ठण्डा होने पर डब्बे मैं भर कर रखे ।
विशेष
सभी चीज़ों को बहुत देर तक तेज़ आँच पर नहीं भूनना है , नहीं तो मसाले की महक ख़त्म हो जाएगी ।


विदेश गमन के लिए ज्योतिषिय योग

आज का अधिकांश युवा वर्ग उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए विदेश जाना चाहता है ,कई बार देखने मै आता है की योग्य होने व् कई प्रयत्नों के बाद भी जाने का अवसर नहीं मिल पाता है। कई कुंडलियो के अध्यन करने पर एक योग बहुत ही common पाया गया जिसे ज्योतिषय भाषा मै परिवर्तन योग कहा जाता है ,सभी बारह राशियों का एक अधिपति ग्रह होता है ,जैसे वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है व् धनु राशि का स्वामी गुरु है। जब किसी कुंडली मै शुक्र धनु राशि का व् गुरु वृषभ राशि का है तो यह एक परिवर्तन योग है ,ऐसे एक ही कुंडली मै एक से अधिक परिवर्तन योग भी दिखाई देते है ,यह किसी भी राशि या ग्रह के मध्य हो सकता है.………… अगर इस प्रकार का कोई परिवर्तन योग कुंडली मै है तो जातक निश्चित रूप से विदेश गमन करता है।

Behaviour and qualities of Namank 1

Behaviour and Qualities of Namank 1
नामांक 1 वाले जातक के स्वभाव में सहनशीलता  का गुण देखा जा सकता है नामांक 1 वाले व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों मे भी निरंतर संघर्ष करते रहने की चाह रखते हैं अपने इसी गुण के कारण वह सफलता भी प्राप्त कर लेते हैं. नामांक 1 वालों में नेतृत्व का गुण जन्म-जात होता है.
नामांक एक वाले जातक समाजिक दृष्टि से विश्वस्त व्यक्ति होते हैं . नामांक 1 अंक वाले चाहे कोई भी व्यवसाय अपनाएं उसमें सफलता अवश्य प्राप्त करते हैं. इनका लक्ष्य निश्चित होता है.
नामांक 1 लोग सुन्दर और सुरुचिपुर्ण जीवन जीना पसंद करते हैं , श्रृंगार प्रिय होते हैं, इसके अतिरिक्त नामांक 1 वालों को खाने पीने का शौक़ भी खूब होता है. सौंदर्य प्रेमी और कला पसंद होने के साथ-साथ, साफ सफाई इन्हें विशेष प्रिय है.
नामांक 1 वाले व्यक्ति स्वतंत्र व्यक्तित्व के होते हैं ,
इनको धन संग्रह करने में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है.
इनमें मित्र बनाने की बेहतरीन कला होती है. लोग इनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते. यह लोग स्वभाव से हसंमुख तथा आकर्षक होते हैं.
नामांक 1 वाले महत्वाकांक्षी होते हैं, निश्चय लेने मे दक्ष होते हैं कोई भी निर्णय तुरंत लेते

अलसी

अलसी को english मैं flaxseed कहते है ।भारत मैं प्राचीनकाल से ही इसे खाने मैं प्रयोग किया जा रहा है । इसमै omega -3 , fibers , protein , vitamin B1, manganese, magnesium, phosphorus , selenium, zinc, copper होता है ।
इसका केवल एक चम्मच प्रतिदिन उपयोग किया जाए तो कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है ।
यह बाज़ार मैं बहुत आसानी से उपलब्ध है । बीज के अलावा इसका तेल भी बाज़ार मैं उपलब्ध है ।
अलसी के बीजों मैं monosaturated और polysaturated fat सहित omega 3    Fatty acid hai जो दिल को स्वस्थ रखने मैं बेहद महत्वपूर्ण है । हद्रय रोगी इसका नियमित सेवन अवश्य करे ।
इसके नियमित सेवन करने से bad कलेस्टरॉल लेवल कम हो जाता है ।
इसमै कई flavonoids होते है जो LDL और हद्रय रोग के ख़तरे को कम करता है ।
Menopausal women मैं यह बहुत कारगर साबित होता है । इसमै liganine compound होने से hotflashes, mood swings को कम करने मैं मदद मिलती है ।
इसमै ऊपस्थित omega 3 fatty acids  और fibers वज़न घटाने मैं सहायक होते है ।
American cancer research institute द्वारा की गई रीसर्च मैं यह पाया गया की अलसी के बीज prostate cancer, breast cancer and ovarian cancer से बचाव करता है ।
Diabetes के रोगियों के blood sugar level मैं इसके उपयोग से सुधार लाया जा सकता है ।
इसमै बहुत ज़्यादा fibers होने से gastrointestinal बीमारियों से बचने मैं मदद करता है । यह प्रक्रतिक रूप से रेचक का कार्य करता है । इसके नियमित सेवन से पुराने से पुराना क़ब्ज़ दूर किया जा सकता है ।
यह body को detoxify करने मैं भी मददगार होता है ।
इसका तेल बालों को मज़बूत और स्वस्थ बनाता है ।
इसके तेल की नियमित मालिश से त्वचा का सूखापन , elergy, sun tain कम करता है ।
उपयोग विधि
अलसी के बीजों को mixi मैं grind करके दही , सब्ज़ी , soop , आटे मैं मिला कर उपयोग करे । लेकिन पिसी हुई हुई अलसी दो दिन से ज़्यादा ना रखे ।
पिसी अलसी को पानी के साथ गटका भी जा सकता है ।
अलसी के तेल की कुछ बूँदे नारियल तेल मैं मिला कर moisturiser की तरह उपयोग करे ।
मुखवास बनाने की विधि
 100 gm अलसी  के बीज मैं एक निबु का रस व एक चम्मच नमक मिला कर अच्छे से mix करके आधा घण्टा रखे ।
एक कढाही मैं डाल कर मध्यम आँच पर चटकने तक भूने । ठण्डा होने पर air tight डब्बे मैं भर कर रखे । खाने के बाद एक चम्मच खाए ।
अलसी खाने के बाद पानी अधिक मात्रा मैं पिए ।
अलसी का सेवन एक दिन मैं दो चम्मच से अधिक ना करे , क्यूँकि इसमै बहुत ज़्यादा मात्रा मैं fibers है ।
गर्भवती स्त्रियाँ भी डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करे ।

भावी जीवनसाथी का नाम व राशि

भावी  जीवनसाथी के नाम व् राशि को जानने के लिए भी जातक आदेश मार्ग ग्रन्थ मै कई तरीके बताये गए है
सप्तम भाव मै जो राशि है उससे नवम भाव या पंचम भाव मै  जो राशि होगी व् जीवन साथी की राशि हो सकती है जैसे उदाहरणस्वरूप यदि कोई कुंडली मै  मकर लग्नेश है तो सप्तम भाव मै  कर्क राशि होगी ,कर्क राशि से नवम एवं  पंचम भाव मै  वृश्चिक व् मीन  राशि होगी तो भावी जीवनसाथी वृश्चिक या मीन राशि का हो सकता है ,इन राशियों मै  आने वाले अक्षरो  को जान सकते है
और  सप्तम स्थान का अधिपति जिस राशि मै बैठा होगा वही जीवनसाथी की राशि हो सकती है
यदि सप्तमेश छठे  स्थान पर हो तो भावी जीवनसाथी नौकरीपेशा होगा ,यदि सप्तमेश दशम भाव मै हो तो व्यवसायरत होगा
सप्तमेश यदि शुक्र के साथ हो तो धनाढ्य होगा
 यदि सप्तमेश और नवमेश का सम्बन्ध हो तो विवाह के बाद प्रबल भाग्योदय होगा

विवाह किस दिशा मैं होगा

हर विवाह योग्य लड़के व् लड़की व् उनके परिजनों  की एक सामान्य जिज्ञासा होती है की भावी जीवन साथी किस दिशा मै  मिलेगा ,कैसा स्वभाव होगा ,क्या करताहोगा  आदि...
कई ज्योतिषय ग्रन्थ जैसे जातक आदेश मार्ग ,सारावली व् जातक पारिजात  ग्रंथो मै  कई तरीके  ग्रहो की दृष्टि व् युति से  बतायेगए है
कुंडली का सप्तम भाव जीवन साथी के बारे मै बताता है ,सप्तमेश किस राशि का है किससे  युति कर रहा है किस पर दृष्टि  डाल  रहा है आदि बातो के अध्यन से सटीक फलादेश किया जा सकता है
सबसे पहले किस दिशामै  खोज की जाये यह जानना जरुरी है ,यदि सप्तमेश प्रथम ,द्रितीय या बारहवे भाव मै  स्थित हो तो जीवनसाथी निवास स्थान की पूर्व दिशा मै  होगा
सप्तमेश स्वयं सप्तम मै  ही हो तो पश्चिम दिशामै  ढूंढा जाये ,
यदि सप्तमश पांचवे भाव मै हो तो जीवनसाथी  सहपाठी या पूर्व परिचित हो सकता है
यदि  सप्तमेश छठे  स्थान पर हो तो माँ की तरफ या मामा  मौसी की तरफ से स्थान  से रिश्ता आ सकता है
यदि सप्तमेश बारहवे भाव मै  हो तो चाचा ताऊ की तरफ की रिश्तेदारी मै सम्बन्ध हो सकता है

House number या मकान नम्बर

हाउस नंबर या मकान नंबर
जब हम नया घर या फ्लैट खरीदते हैं तो ,या जिस घर मैं रहते हैं उस  घर का अंक शास्त्र मैं बहुत महत्व हैं ,हालाँकि हम उस नंबर को बदल नहीं सकते  हैं लेकिन यह जरूर जान सकते हैं की कोन सा नंबर अच्छा हैं या नहीं ।
घर का नंबर मूल नंबर 1 से 9 के बीच मैं होता हैं या मिक्स्ड नंबर हैं तो उन्हें जोड़ कर हम मूल नंबर प्राप्त कर सकते हैं ।1,3,6,8 व् 9 नंबर शुभ माने गए हैं ।
नंबर 1 नयी शुरूवात या जन्म की और संकेत करता है ।
नंबर 2   स्थायित्व की और संकेत करता हैं ।
नंबर 3 धर्म ,व् अधय्तम की और संकेत करता हैं
नंबर 6 भाग्य वृधि की और संकेत करता हैं  ।
नंबर 8 धन धान्य की वृधि करता हैं  ।
नंबर 9 सोभाग्य की वृधि करता हैं
4नंबर व् 7 नंबर unlucky माने  जाते हैं ।
नंबर 5 neutral  माना जाता हैं ।

वास्तु अनुरूप रंग संयोजन

कोई भी मकान ,दुकान.office पूर्ण रूप से वास्तु सम्मत नहीं होता है ,सबसे ज्यादा यह समस्या फ्लैट्स मै , रहने वाले लोगो को आती है ,तोड़ फोड़ करके वास्तु दोष का निवारण एक महँगी प्रकिर्या है साथ ही कई जगहों पर संभव भी नहीं होती है ,ऐसे मै जन्म कुंडली व् राशि के अनुसार कुछ आतंरिक साज  सज्जा व् रंग संयोजन मै परिवर्तन कर बहुत हद तक वास्तु दोष कम  किया जा सकता है
यदि व्यक्ति का सिंह लग्न या सिंह राशि है तो तो सूर्य से प्रभावित होने से दीवारो ,furniture ,पर्दो का रंग golden yellow ,golden या चमकीली border या लाइट pink उपयोग करे
यदि कर्क राशि या कर्क लग्न है तो चन्द्र प्रधान व्यक्ति है तो दूधिया सफ़ेद ,मोतिया या silver color का अधिक उपयोग करे
मेष या वृश्चिक राशि है या लग्नेश मंगल है तो orange red या Cora red का प्रयोग करे
बुध से प्रभावित है या मिथुन या कन्या राशि है तो हरा रंग बहुत अनुकूलता देगा ,पैरेट ग्रीन,मूँगिया ,bottle green आदि रंगो का आन्तरिक साज़  सज्जा मै  अधिक प्रयोग करे
यदि गुरु तत्त्व व्यक्ति है या धनु या मीन राशि है तो पीले से सम्बंधित सभी shades उपयोग करे
लग्नेश शुक्र है या तुला या वृषभ राशि है तो चमकदार सफ़ेद ,क्रीम आदि रंगो का प्रयोग करे व् घर मै  कलात्मक व् कांच का अधिक प्रयोग करे ,कांच के बर्तनो का प्रयोग करे ,सफाई व् रोशनी भी अधिक रखे
शनि प्रधान है या मकर या कुम्भ राशि है तो नीले रंग के सभी शेड्स का अधिक प्रयोग करे
यदि राहु प्रधान है तो स्मोकी या चितकबरा रंग प्रयोग करे
केतु प्रधान है तो स्लेटी ,हल्का भूरा या brown रंगो का प्रयोग करे
राशि के अनुरूप रंग संयोजन करके घर की नकारत्मकता कुछ हद तक कम की जा सकती है ।

International women's day

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया  जा रहा हैं ,यह ओपचारिकता क्यों ?अज जगह -जगह महिला सशक्तिकरण के भाषण होंगे ,कुछ महिलाओ का सम्मान होगा ,पर कल क्या ?वही routin ढाक के तीन  पात ।
एक ही दिन क्यों ? हर दिन हमारा हैं ,पुरे परिवार की धुरी हमारे इर्द गिर्द घुमती हैं ,जरुरत हैं तो स्वयं हमें अपनी शक्ति पहचानने की ,अपना सम्मान खुद करने की ।
स्वयम स्त्री ही जब अपनी सोच बदल लेगी ,अनुगामी न बन कर सहचर बनेगी ,second  सेक्स न रह कर एक  मुक्कमल औरत बनेगी तो न शोषण होगा न ही अपमान व् विवशता होगी ।
पुरुष हमसे श्रेष्ट्र नहीं बस हमसे अलग हैं ,परमेश्वर नहीं साथी हैं यह सोच हर महिला की अपनी सोच जब तक नहीं बनेगी बदलाव मुश्किल हैं ।
अन्याय व् अपमान न करो, न सहन करो यह सिख हम ही अपने बच्चो को दे सकते हैं तो बदलाव जरुर होगा ।
देह के परे भी   हमारा वजूद हैं ।