सोने मैं निवेश

हम भारतीय लोगों के लिए सोने के प्रति प्रेम पुरातन काल से चला आ रहा है, हर भारतीय विशेष कर महिलाओं मैं इसके प्रति विशेष लगाव होता है , और हर महिला के पास कम से कम एक स्वर्ण आभूषण ज़रूर होता है।

वर्तमान समय मैं दोनो बहुमूल्य धातुओं मैं बहुत तेज़ी है , उतार चढ़ाव भी काफ़ी दिख रहा है।
ज्ञात सभ्यता से ही स्वर्ण को सम्पन्नता का प्रतीक माना गया है , पीढ़ियों से स्वर्ण मैं निवेश परिवारों मैं व सरकारें ख़ुद स्वर्ण का भंडारण करती आयी है, सदियों से इसे अमूल्य धातु माना गया है , तो इसमै निवेश हमेशा ही सुरक्षित रहेगा , कभी भी बुलबुले की तरह नहीं होगा , पहले हमारे देश व अन्य देशों मैं राष्ट्रीय स्तर पर इसके दाम निर्धारित होते थे , लेकिन पिछले कुछ सालों से स्वर्ण के दाम अंतर्रष्ट्रिय स्तर पर निर्धारित होते है।
वर्तमान मैं स्वर्ण रिकार्ड ऊँचाई पर है ,पिछले तीन सालों मैं तीस से तेंतिस हज़ार प्रति दस ग्राम के हिसाब से ही दाम चल रहा है, अगले पाँच सालों मैं भी इसमै ख़ास बढ़ोतरी की सम्भावना नहीं है।
सिर्फ़ निवेश की द्रस्टी से व बहुत अधिक रिटर्न की इच्छा से इसमै निवेश लाभकारी नहीं है , लेकिन फिर भी स्वर्ण मैं निवेश ज़रूर करे , क्योंकि यही वो धातु है जिसे तुरंत बेचा जा सकता है , थोड़े बहुत लाभ हानि के साथ , मुसीबत के समय सबसे भरोसेमंद निवेश यही होता है
भारतीय समाज के मानको के हिसाब से एक सामान्य भारतीय परिवार का जो महीने का ख़र्च होता है , वो दस ग्राम सोने के बराबर होता है। यह बिलकुल सत्य है , पिछले सालों के सोने के दाम और मासिक ख़र्च की तुलना करे बिलकुल बराबर होता है।
सोने मैं निवेश , शुद्ध स्वर्ण , ETF , गोल्ड बॉंड या आभूषण के रूप मैं भले ही थोड़ा करे पर अवश्य करे।

क़ाठियावाड़ी भरवाँ बेंगन


बेंगन  भारत ही नहीं विश्व के कई देशों मैं उगाया और खाया जाता है। भारत मैं ही इसकी 35 से अधिक प्रकार की खेती की जाती है, और गुजरात एक ऐसा राज्य है जहाँ सबसे ज़्यादा बेंगन की खपत होती है। कई आकार प्रकार के बेंगन मिलते है, गोल., लम्बे, हरे,चितकबरे, भर्ता बेंगन और भी कई प्रकार के मिलते है, उसी तरह बनाने के भी कई तरीक़े है। क़ाठियावाड़ी खाने मैं बेंगन का भर्ता मुख्य होता है, वैसे ही लम्बे बेंगन की सब्ज़ी भी अलग तरह से बनायी जाती है , गरम बाजरे की रोटी के साथ परोसी जाती है।

आवश्यक सामग्री

बेंगन लम्बे वाले 250 gm

कटा हरा धनिया आधी गड्डी

लहसुन की 15 कलियाँ

हरा लहसुन

लाल मिर्च पाउडर

हल्दी पाउडर

धनिया पाउडर

नमक स्वादानुसार

तेल एक बड़ा चम्मच

बनाने की विधि

बेंगन को धो कर , ढंखल निकाल दे , लम्बाई मैं चिरा लगाए।

हरा धनिया , हरा लहसुन , बिलकुल बारीक काट ले , लहसुन की कलियों को हल्का से पिस ले, इसी मैं , मिर्च , हल्दी , नमक , धनिया पाउडर मिला कर , आधा छोटा चम्मच तेल मिला कर , बेंगन मैं भर दे। पंद्रह मिनट रखा रहने दे। बड़े टुकड़ों मैं काट ले।

कढाही मैं तेल डाले, गरम होने पर , बेंगन के टुकड़े डाल दे , मंद आँच पर पकने दे, बीच बीच मैं हिलाते रहे। पंद्रह से बीस मिनट मैं अच्छे गल जाएँगे। बाजरे की रोटी के साथ गरमा गरम परोसे, साथ मैं गुड़ और छाश रखे।

हस्तरेखा व प्रेम

हस्त रेखा और प्रेम



सामुद्रिक शास्त्र के अंतर्गत हाथों की लकीरों से भविष्य कथन की प्राचीन परम्परा है। जिन व्यक्तियों को जन्म विवरण जैसे समय तारीख़ मालूम नहीं हो, उनके लिए हस्त रेखा (palmistry) का अध्ययन कर सटीक भविष्य कथन किया जा सकता है। जीवन के हर पहलू के बारे मैं जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जीवन मैं किस तरह के सम्बंध रहेंगे, प्यार, विवाह परिवार के बारे मैं जानकारी प्राप्त करने के लिए हथेली मैं स्थित मुख्य रूप से शुक्र पर्वत की स्थिति , ह्रदय रेखा विवाह रेखा का अध्ययन किया जाता है।

अंगूठे के नीचे शुक्र का क्षेत्र , शुक्र पर्वत कहलाता है, अगर यह भाग उभरा हुवा है, और अंगूठे का पहला पर्व मस्तिष्क रेखा लम्बी बगेर काँट छाँट के हो तो व्यक्ति प्रेम समबंधो मैं ईमानदार संयमी होगा।

किसी भी स्त्री पुरुष के दाँए हाथ मैं ह्रदय रेखा गुरु पर्वत ( तर्जनी के नीचे का भाग ) तक सीधी जाती हो , शुक्र पर्वत उभरा हुवा हो तो ऐसे व्यक्ति अच्छे उदार प्रेमी साबित होते है।

अगर हथेली मैं शुक्र पर्वत बहुत ज़्यादा उभरा हुवा हो , साथ ही निम्न मंगल भी उभरा हो तो ऐसे व्यक्ति का झुकाव प्रेम से अधिक वासना की और होता है। ऐसे व्यक्तियों को जीवन मैं कई बार भावनाओं के कारण अति प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।( व्याभिचार के मामलों मैं लिप्त लोगों की हथेली मैं यह देखा जा सकता है )

हथेली मैं विवाह रेखा जो सबसे छोटी अंगुली के नीचे आड़ी रेखाए होती है , अगर ये एक से अधिक है तो , ऐसे लोगों के जीवन मैं एक से अधिक प्रेम सम्बंध होते है।


जिस व्यक्ति के हाथ मैं विवाह रेखा लम्बी , सूर्य पर्वत तक जाती हो ( अनामिका अंगुली के नीचे सूर्य पर्वत होता है) , इन व्यक्तीयो का प्रेम सम्बंध सम्पन्न व  प्रामाणिक लोगों के साथ होता है।

हद्रय रेखा से कोई रेखा निकल कर शनि पर्वत ( मध्यमा अंगुली के नीचे ) तक जाती हो , तो ऐसे व्यक्तीयो का प्रेम समबंधो से बहुत जल्दी ही मोहभंग हो जाता है , यह रेखा कई सन्यासीयो के हाथ मैं देखी जा सकती है।

दोनो ही हाथो मैं यदि विवाह रेखा समान लम्बाई वालीव् स्वस्थ  हो तो ऐसे व्यक्तीयो को सम्पूर्ण जीवन सुखद प्रेम समबंधो की अनुभूति होती है।

फ़ोटो गूगल से साभार।

ज्योतिषाचार्य

उषा जैन भटनागर 

प्यार और ज्योतिषिय द्रष्टिकोण





मौसम बसंत का है साथ ही valentine day आने वाला है तो ज्योतिष के माध्यम से भी प्यार की बात की जाए
प्यार मैं अधिकांश लोगों को असफलता ही हाथ लगती है बहुत ही कम भाग्यशाली लोगों को सफलता मिलती है
जन्म कुंडली मैं बहुत ही स्पस्ट संकेत होते है की आपको सफलता मिलेगी या निराशा हाथ लगेगी।

कुंडली मैं प्रेम के लिए दो ग्रह ज़िम्मेदार है एक चंद्र और दूसरा शुक्र चंद्र मन का कारक और शुक्र ह्रदय की धड़कन।

तीसरा ग्रह मंगल उसका मज़बूत होना बेहद ज़रूरी है तभी प्यार के लिए कुछ कर गुज़रने का साहस मिलेगा

जिन जातकों की कुंडली मैं मंगल शुक्र की व्रषभ राशि या तुला राशि मैं हो या शुक्र मंगल की मेष राशि या व्रस्चिक राशि मैं हो या जातक की तुला या व्रषभ राशि हो इन लोगों के जीवन मैं प्रेम निस्चित रूप से आता है
 अर्थात् कुंडली मैं मंगल के आगे   2.  या  7 लिखा हो या शुक्र के आगे 1  या 8 लिखा हो या चंद्र के आगे 2.  या 7 लिखा हो।

शुक्र मंगल की युती मैग्नेटिक होती है ,व्रषभ या तुला राशि के जातकों मैं ग़ज़ब का आकर्षण होता है इन लोगों का प्रेम मैं पड़ना निस्चित है।

कुंडली मैं शुक्र मंगल की युती हो शुक्र चंद्र साथ हो या शुक्र पर मंगल की दृष्टि हो तो तय मानिए जीवन मैं प्रेम की बसंत बहार आना निस्चित है

फ़ोटो गूगल से साभार 

ब्लॉगर 
उषा जैन भटनागर